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||शामिल नाम हमारा कर ले ||

                 ||शामिल नाम हमारा कर ले ||


 ये इक गम गवारा कर ले,

 अपने दोस्तों में शामिल नाम हमारा कर ले|

 किस तरह ये वक़त बीता है,

 इश्क़ में कैसे कोई मर के जीता है,

 जब अपना कोई किनारा कर ले 

 ये इक गम गवारा कर ले,

 अपने दोस्तों में शामिल नाम हमारा कर ले|


 फायदा क्या है ज़िन्दगी में मौत की पनाह का,

 ये इश्क़ तो नाम है इक गुनाह का,

 पिछले जन्म में किया था आ ये गुनाह दोबारा कर ले,

 ये इक गम गवारा कर ले,

 अपने दोस्तों में शामिल नाम हमारा कर ले|

 रुलाती रहेंगी महफ़िले तन्हाइयों की,

 डराती रहेंगी तस्वीरें परछाइयों की,

 ज़िन्दगी में शामिल प्यार हमारा कर ले 

 ये इक गम गवारा कर ले,

 अपने दोस्तों में शामिल नाम हमारा कर ले||



    -सुधीर मेघवाल 

      12 जुलाई 2005


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