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Showing posts from May, 2021

|| इतना वो सताने लगे हैं ||

        || इतना वो सताने लगे हैं ||        सितमगर इतना वो सताने लगे है,    आंसुओ में भी नजर आने लगे है |    तेरी हर आवाज़ पर दौड़े चले आते,    मगर आप तो गैरो को बुलाने लगे है|    नजरो से होती थीं जरूर बाते,     पर नजरे भी अब हमसे चुराने लगे है |        खाई थीं जिसने कसम ज़िन्दगी भर साथ निभाने की,      वो ही हाथ किसी और को पकड़ाने लगे है |      कांटो को उठाकर फूल जिसकी राँहो में बिछाये,      वो ही राँहो में मेरी कांटे बिछाने लगे है|      जिसको देखकर कभी ख़ुशी से झूम उठता था दिल,      उसी की याद में अब आंसू बहाने लगे है||      सुधीर मेघवाल      13 मई 2005      

एक चहेरा रोज ख्वाबों में आता है

         || एक चहेरा रोज ख्वाबों में आता है ||      एक चहेरा रोज ख्वाबों में आता है,      इक बार दे के दस्तक दिल पे सारी रात जगाता है|      महसूस होता है वो किसी परछाई की तरह,      हरपल साथ रहता है वो तन्हाई की तरह,      करीब आकर मेरे ग़मो की महफ़िल सजता है       एक चहेरा रोज ख्वाबों में आता है |     देखकर मुझे वो मुस्कराने लगता है,     शर्म से फिर वो नजरे झुकाने लगता है,     कर देता है जादू सा जब पलके गिराकर उठाता है      एक चहेरा रोज ख्वाबों में आता है |     याद उसकी दिल की धड़कन बढाती है पल पल,     एक बार दिखा के चहेरा हो जाता है ओझल,     चाँद जैसे एक बार दिख के बादलों में छिप जाता है      एक चहेरा रोज ख्वाबों में आता है |     उसी को ढूंढता है अब हर जगह मेरा मन,     वो चेहरा बन गया है मेरा जीवन,     आता है जो रोज खवाबों में देखना है कब ज़िन्दगी में आता...