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एक चहेरा रोज ख्वाबों में आता है

         || एक चहेरा रोज ख्वाबों में आता है ||


     एक चहेरा रोज ख्वाबों में आता है,

     इक बार दे के दस्तक दिल पे सारी रात जगाता है|

     महसूस होता है वो किसी परछाई की तरह,

     हरपल साथ रहता है वो तन्हाई की तरह,

     करीब आकर मेरे ग़मो की महफ़िल सजता है 

     एक चहेरा रोज ख्वाबों में आता है |


    देखकर मुझे वो मुस्कराने लगता है,

    शर्म से फिर वो नजरे झुकाने लगता है,

    कर देता है जादू सा जब पलके गिराकर उठाता है 

    एक चहेरा रोज ख्वाबों में आता है |

    याद उसकी दिल की धड़कन बढाती है पल पल,

    एक बार दिखा के चहेरा हो जाता है ओझल,

    चाँद जैसे एक बार दिख के बादलों में छिप जाता है 

    एक चहेरा रोज ख्वाबों में आता है |


    उसी को ढूंढता है अब हर जगह मेरा मन,

    वो चेहरा बन गया है मेरा जीवन,

    आता है जो रोज खवाबों में देखना है कब ज़िन्दगी में आता 

     है,

     एक चहेरा रोज ख्वाबों में आता है ||

    सुधीर मेघवाल 

    12 मार्च 2006

   

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