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हो जाए रोशन दुनिया मेरी




      "||हो जाए रोशन दुनिया मेरी||"


 याद में मेरी घर के सारे चिराग जला दो,

 हो जाए रोशन दुनिया मेरी जो तुम मुस्कुरा दो।

 कर दो आज वो जो मुमकिन नहीं  है,

 शरमा कर खुदा को भी दीवाना बना दो।

 चांद निकल आये दिन में भी,

बिखराकर जुल्फें अपनी दिन को रात बना दो |

याद में मेरी घर के सारे चिराग जला दो,

हो जाये रोशन दुनिया मेरी जो तुम मुस्करा दो |

कर दो इक इशारा नजर से ,

सागर को बहना सीखा दो |

जल ना जाये जान तुम्हारी ,

जुल्फों से अपनी इक आशियाँ बना दो |

याद में मेरी घर के सारे चिराग जला दो,

हो जाये रोशन दुनिया मेरी जो तुम मुस्करा दो |

मान जाये ना बुरा मेरी तन्हाइयां ,

लबों से अपने इक गीत ही गुनगुना दो |

ना कटती है राते अब तारे गिन-गिन के 

अपनी जुल्फों की छाया में मुझको सुला दो |

याद में मेरी घर के सारे चिराग जला दो,

हो जाये रोशन दुनिया मेरी जो तुम मुस्करा दो ||



सुधीर मेघवाल 

28 जून 2004




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